मुंबई में मराठी भाषा को लेकर बवाल, ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों का प्रदर्शन; कई इलाकों में झड़प के बाद तनाव

मुंबई। महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा के व्यावहारिक ज्ञान को लेकर लागू किए गए नियम का विरोध अब सड़क तक पहुंच गया है। मुंबई के कई इलाकों में ड्राइवरों ने प्रदर्शन किया और कुछ जगहों पर झड़प की घटनाएं भी सामने आईं।

मराठी भाषा टेस्ट के विरोध में ड्राइवरों की हड़ताल

ऑटो और टैक्सी चालकों के एक वर्ग ने मराठी भाषा की अनिवार्यता के विरोध में तीन दिन की हड़ताल शुरू की है। ड्राइवरों का आरोप है कि भाषा जांच के दौरान ऐसे सवाल पूछे जा रहे हैं जो उनकी ट्रेनिंग में शामिल नहीं थे और उन्हें मराठी सीखने के लिए पर्याप्त समय भी नहीं मिला।

कांदिवली समेत कई इलाकों में प्रदर्शन

कांदिवली, मलाड, सांताक्रूज, दहिसर और अंधेरी समेत कई इलाकों में प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं। कांदिवली वेस्ट में प्रदर्शन के दौरान झड़प भी हुई। कुछ घटनाओं में ड्राइवरों के साथ मारपीट के आरोप सामने आए हैं।

331 चालकों को जारी हुए नोटिस

अधिकारियों के मुताबिक, महाराष्ट्र के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों ने 331 ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें मुंबई महानगर क्षेत्र के 139 चालक शामिल हैं। इन चालकों को मराठी भाषा का कामकाजी ज्ञान नहीं होने के कारण नोटिस दिए गए हैं।

भाषा के मुद्दे पर बढ़ा राजनीतिक तनाव

मराठी भाषा को लेकर सरकार के फैसले पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले में संयम बरतने और नियमों का पालन करने की बात कही है, जबकि महाराष्ट्र सरकार की ओर से इसे स्थानीय भाषा के संरक्षण से जोड़कर देखा जा रहा है।

ड्राइवरों की मांग- नियम में राहत मिले

प्रदर्शन कर रहे ड्राइवरों का कहना है कि भाषा सीखने के लिए पर्याप्त समय और स्पष्ट प्रक्रिया दी जानी चाहिए। फिलहाल मराठी भाषा को लेकर शुरू हुआ विवाद मुंबई में ऑटो-टैक्सी सेवाओं और स्थानीय बनाम प्रवासी ड्राइवरों के बीच तनाव का मुद्दा बनता जा रहा है।

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